Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के आसपास रहने से आपको डेंगू बà¥à¤–ार नहीं हो सकता; इसके बजाय, डेंगू बà¥à¤–ार मचà¥à¤›à¤° के काटने से फैलता है। जब संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मचà¥à¤›à¤° किसी अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को काटता है, तो वायरस उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनता है।
डेंगू कोरोना वायरस की तरह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में नहीं फैलता है। डेंगू कà¤à¥€ à¤à¥€ हाथ मिलाने, उसके साथ बैठने, गले मिलने या फिर मà¥à¤‚ह या नाक से निकलने वाली बूंदों के जरिठनहीं फैलता है। लेकिन डेंगू दूसरे तरीके से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में फैल सकता है। जब कोई à¤à¤¡à¥€à¤œ मचà¥à¤›à¤° किसी डेंगू के मरीज को काटता है, तो उसका खून à¤à¥€ चूसता है। इसके बाद जब यही मचà¥à¤›à¤° किसी अनà¥à¤¯ या सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को काटता है, तो उसे à¤à¥€ डेंगू हो जाता है। यह मचà¥à¤›à¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तक पहà¥à¤‚च जाता है। डेंगू लार से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे में नहीं फैल सकता है। यह केवल संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¤¡à¥€à¤œ मचà¥à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से ही फैलता है।
डेंगू आमतौर पर मादा à¤à¤¡à¥€à¤œ इजिपà¥à¤Ÿà¥€ मचà¥à¤›à¤° के काटने से फैलता है। ये à¤à¤• खास तरह के मचà¥à¤›à¤° होते हैं, जिनके शरीर पर चीते जैसी धारियां होती हैं। डेंगू à¤à¤¡à¥€à¤œ à¤à¤œà¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥€ और à¤à¤¡à¥€à¤œ à¤à¤²à¥à¤¬à¥‹à¤ªà¤¿à¤•à¥à¤Ÿà¤° मचà¥à¤›à¤° की पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के काटने से फैलता है।
डेंगू किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• से अधिक बार हो सकता है। डेंगू à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बà¥à¤–ार और दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है, लेकिन यह जानलेवा नहीं है। सही देखà¤à¤¾à¤² और दवाइयों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है। डेंगू के मरीज आसानी से घर पर ठीक हो सकता है, कà¥à¤› ही मामलों में इसमें असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की जरूरत होती है।
| --------------------------- | --------------------------- |